Wednesday, July 22, 2015

गोंडा: तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। फर्जी आंकड़े देने वाले अधिकारियों को चिन्हित कर दंडित किया जायेगा।
यह चेतावनी जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने मंगलवार को कर्नलगंज में आयोजित तहसील दिवस में दी है। मोहम्मदपुर गढ़वार निवासिनी सोनी ने अवगत कराया कि उसके पति की मृत्यु दो माह पूर्व हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद इकलौती वारिस होने के बावजूद लेखपाल ने गांव के ही एक व्यक्ति के पक्ष में गलत वरासत दर्ज कर दी गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित लेखपाल को निलंबित कर मामले की जांच करके पीड़िता के पक्ष में वरासत दर्ज करने के निर्देश तहसीलदार को दिया। परसपुर के बेचनलाल सैनी ने डीएम को बताया कि विपक्षी द्वारा गांव के एक मात्र सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध किया जा रहा है। जिस पर डीएम ने थानाध्यक्ष परसपुर व कानूनगो को मौके पर जाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सकरौर इटही निवासिनी अनीता देवी ने आरोप लगाया कि हदबरारी की रिपोर्ट एसडीएम को भेजने के लिए पांच हजार रुपए सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। इस प्रकरण पर डीएम ने राजस्व निरीक्षक को तलब कर फटकार लगाई और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट न उपलब्ध कराने पर निलंबन की चेतावनी दी। शिकायतों की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि इस वर्ष तहसील दिवस में अब तक कुल 17433 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिनमें से सत्रह हजार सात प्रार्थनापत्रों का निस्तारण कर दिया गया है। तहसील कर्नलगंज में 23 प्रकरण निस्तारण के लिए लंबित पाये गये।
डीआइजी जितेंद्र प्रताप ¨सह ने थाना परसपुर व कौड़िया का रजिस्टर चेक किया। जिसमें मामलों के निस्तारण की गुणवत्ता तथा फरियादियों का मोबाइल नंबर दर्ज न होने पर दोनों थानाध्यक्षों को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। यहां कुल 153 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिनमें से आठ का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। तहसील दिवस में पुलिस अधीक्षक आरपीएस यादव, सीडीओ जयंत कुमार दीक्षित, एसओसी रवींद्र ¨सह, पीडी वीरपाल, डीडीओ, डीसी मनरेगा मृणाल ¨सह मौजूद रहे।

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