श्रीलंका: राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव शुरूझा कीजिए
लाखों श्रीलंकाई अपने नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान कर रहे हैं.
साल 2005 से सत्ता पर क़ाबिज़ राजपक्षे ने आसान जीत की उम्मीद में दो साल पहले ही चुनाव करवा दिए हैं लेकिन उन्हें पूर्व मंत्रिमंडलीय सहयोगी मैथ्रिपाला सिरिसेना से कड़ी चुनौती मिल रही है.
श्रीलंका में 2009 में गृहयुद्ध ख़त्म होने के बाद राजपक्षे लोकप्रियता की लहर पर सवार होकर सत्ता तक पहुंचे थे लेकिन अब उन पर पक्षपात के आरोप लग रहे हैं.
उनके परिजन देश के कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पदों पर विराजमान हैं और आलोचकों का कहना है कि वह देश को एक पारिवारिक कारोबार की तरह चला रहे हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि सिरिसेना इस विचार का फ़ायदा उठा रहे हैं और सिंहलियों में लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं जो सामान्यत: राजपक्षे को वोट देते थे.
सिरिसेना को नस्लीय अल्पसंख्यकों के मत भी मिलने की उम्मीद है जो श्रीलंका की जनसंख्या में 30 फ़ीसदी हैं.
राजपक्षे अब भी सिंहली-बहुल जनसंख्य में बेहद लोकप्रिय हैं.
वह गृहयुद्ध को ख़त्म करने वाले नेता से लेकर उल्लेखनीय आर्थिक विकास के समय तक सत्ता में रहे हैं.
अब तक चुनाव प्रचार हिंसा और धमकियों के आरोपों से भरा रहा है.
बुधवार को ही एक विपक्षी कार्यकर्ता की मौत एक दिन पहले रैली में गोली मारे जाने से हो गई.
एक चुनाव अधिकारी ने कहा कि वह उन दावों की जांच कर रहे हैं कि तमिल क्षेत्रों में सेना तैनात कर दी गई है ताकि कथित रूप से तमिलों को मतदान से रोका जा सके. BBC HINDI SE
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